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योग और मुद्राओं से करें घुटनों के दर्द (knee pain) का इलाज।

योग प्राणायाम और मुद्राओं से करें घुटनों के दर्द का इलाज (ghutno ka dard ke liye yoga) - घुटनों के दर्द की समस्या प्राय अधेड़ उम्र के बाद ही महिला व पुरुषों को परेशान करती है।
लेकिन बहुत से कारण ऐसे भी हैं जिनके चलते आप कभी भी इस समस्या के शिकार हो सकते हैं।
घुटनों में दर्द की समस्या महिलाओं में रजोनीवृती के बाद से शुरू होने लग जाती है वहीं पुरुषों में यह प्राय 50 की ऐज में आकर शुरू होती है।
अधिकतर लोग घुटनों की इस समस्या को शांत करने के लिए नियमित रूप से पेन किलर्स का सहारा लेते हैं।
लेकिन यह लंबे समय तक सही नहीं हो सकता है क्योंकि ये दवाएं जितना आपको फायदा देती हैं उससे दुगना नुकसान भी देती हैं।
(और पढ़ें : घुटनों के दर्द का अचूक इलाज)
योग और मुद्राओं से करें घुटनों के दर्द (knee pain) का इलाज।
Ghutno ka dard.
अतः पेन किलर्स की बजाय प्राकृतिक चीजों को अपनाए।
जिससे आपको कोई नुकसान भी नहीं होगा और घुटनों में दर्द की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा भी पाया जा सकता है।
आज इस पोस्ट के अंदर हम आपको बताएंगे घुटनों के दर्द की समस्या से हमेशा के लिए किस प्रकार निजात पाई जा सकती है, वो भी बिना किसी दवा और औषधियों के।

योग प्राणायाम और मुद्राओं से करें घुटनों के दर्द का इलाज (ghutno ke dard ke liye yoga)

घुटनों के दर्द के लिए योग प्राणायाम और आसन -

कपालभांति प्राणायाम -

अगर आप चाहते हो कि बिना किसी भी प्रकार की दवा दारू के आपके घुटनों का दर्द चला जाए।
तो इसके लिए आपको नियमित रूप से कपालभांति प्राणायाम जरूर करना चाहिए।
इसके नियमित अभ्यास से मोटापा, तनाव, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, कमरदर्द जैसी अनेकों तरह की समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
अतः अपने दिन की शुरुआत कपालभांति प्राणायाम से ही करें।
नियमित रूप से 20 से 30 मिनट कपालभांति का अभ्यास करें इससे कुछ ही समय में घुटनों और जोड़ों से जुड़ी सभी प्रकार की समस्याएं निश्चित रूप से खत्म हो जाएंगी।

अनुलोम विलोम -

अनुलोम विलोम भी आपके लिए अनेकों तरह से फायदेमंद है।
यह आपमें जोड़ों और घुटनों का दर्द, दिमाग की कमजोरी, हृदय से जुड़ी समस्याएं, लिवर की परेशानियां, कफ, पाचन संबंधी समस्याएं आदि में बेहद कारगर और अचूक प्राणायाम है।
इसको करने के लिए अपने दोनो नासिका रंद्रो से एक एक करके बारी बारी सांस लिया व छोड़ा जाता है।

भस्त्रिका प्राणायाम -

भस्त्रिका प्राणायाम भी घुटनों में दर्द की समस्या के लिए बहुत ही लाभकारी है।
यह बहुत ही सरल प्राणायाम है जिसमें धीरे धीरे गहरा सांस लिया जाता है और धीरे धीरे उसे पूरी तरह छोड़ा जाता है।
अगर आप वाकई में चाहते हो कि घुटनों के दर्द की यह बीमारी हमेशा के लिए जड़ से खत्म हो जाए तो नियमित रूप से बताए गए ये तीनों प्राणायाम 20 - 20 मिनट तक जरूर करें।
इससे आपको बहुत जल्दी और प्रभावी सुधार देखने को मिलेगा।

सूक्ष्म क्रियाएं -

सूक्ष्म क्रियाओं में कई सारे सूक्ष्म आसन और क्रियाएं आती हैं जो घुटनों के दर्द के लिए सबसे ज्यादा प्रभावी हैं।
योग प्राणायाम के साथ इन सूक्ष्म क्रियाओं को करना अनिवार्य है।
क्योंकि इनके प्रयोग से घुटनों का दर्द बहुत ही जल्दी ठीक हो जाता है।
इन क्रियाओं को करने के लिए अपने पैरों में हल्का खिंचाव देने की कोशिश करें।

पहली सूक्ष्म क्रिया -

इसके लिए आगे की तरफ अपने पैर पसारकर बैठ जाएं।
इसके बाद अपने एक पैर के पंजे को आगे की तरफ जमीन की ओर झुकाने की कोशिश करें।
साथ ही दूसरे पैर के पंजे को अपनी तरफ खींचने की कोशिश करें।
ऐसा बारी - बारी दोनों पैरों में विपरीत दिशा में दोहराएं।
इससे पैरों के ऊपर और नीचे दोनों तरफ की नशों और मांसपेशियों में खिंचाव आता है जो कि आपको दर्द में राहत देता है।

दूसरी सूक्ष्म क्रिया -

इसके साथ ही दूसरी क्रिया करने के लिए अपने पैरों को आगे की तरफ सीधा पसारे रखें।
और दोनों पैरों की जांघो पर से पैरों को टाइट करने की कोशिश करें।
बार बार अपनी जांघो को कसें व ढीला छोड़ें इससे भी आपको घुटनों के दर्द में तुरंत राहत मिलती है।

घुटनों के दर्द के लिए मुद्राएं -

घुटनों के दर्द के इलाज के लिए चार मुद्राएं बेहद लाभकारी हैं।
ये मुद्राएं आपको गंभीर से गंभीर और पुराने से पुराने घुटनों के दर्द से निजात दिलाएगी।
अतः नियमित रूप से इन मुद्राओं का प्रयोग करके जरूर देखें।
निश्चय ही 10 से 15 दिनों में आपके घुटनों से जुड़ी हर प्रकार की समस्या खत्म हो जाएगी।

संधि मुद्रा -

संधि मुद्रा सूजन और घुटनों में होने वाले दर्द में बेहद फायदेमंद है।
इसे आप कभी भी किसी भी समय किसी भी अवस्था में कर सकते हो।
इसके लिए अपने दाएं हाथ के अंगूठे को दाएं हाथ की रिंग फिंगर के साथ कनेक्ट करें।
और बाएं हाथ के अंगूठे को बाएं हाथ की मिडिल फिंगर के साथ कनेक्ट करें।
आठ से दस मिनट तक यह मुद्रा जरूर बनाए रखें।

वायु मुद्रा -

वायु मुद्रा जैसे कि नाम से पता चलता है कि यह मुद्रा हमारे अंदर वायु के प्रकोप को खत्म करती है।
जिससे आर्थराइटिस और जोड़ों के दर्द में बहुत अधिक आराम मिलता है।
यह मुद्रा बनाने के लिए अपने दोनो हाथों की पहली उंगली (इंडेक्स फिंगर) को मोड़ लें और उसके ऊपर अपने अंगूठे को टिका दें।
साथ ही आपकी बची तीनों उंगलियां एकदम सीधी होनी चाहिए।
पांच से सात मिनट तक इसी स्थति में रहें।

वरुण मुद्रा -

यह मुद्रा भी घुटनों के दर्द में बहुत अधिक लाभकारी है।
इसके नियमित प्रयोग से आपके जोड़ों में बना गैफ़ या जगह धीरे धीरे समाप्त हो जाती है।
और दर्द में भी आराम मिलता है।
वरुण मुद्रा बनाने के लिए अपने दोनो हाथों के अंगूठे को सबसे छोटी यानी लिटिल फिंगर पर रखें।
इसे आठ से दस मिनट तक जरूर करें।

प्राण मुद्रा -

प्राण मुद्रा भी घुटनों के दर्द में एक टॉनिक कि तरह काम करती है।
इससे आपके घुटनों का संक्रमण दूर होने के साथ सूजन और दर्द में राहत मिलती है।
यह मुद्रा आपके स्ट्रेस लेवल को कम करने में बहुत अधिक फायदेमंद है।
इसे बनाने के अपने हाथों के अंगूठों को दोनों हाथों की लिटिल फिंगर और रिंग फिंगर दोनों की टिप पर एक साथ रखें।
इसे सात से आठ मिनट तक जरूर करें।
अगर आप नियमित रूप से इन मुद्राओं का प्रयोग करते हो तो यकीन मानिए ये आपको दवा से भी अच्छा परिणाम देंगी।
और कुछ ही दिनों के लगातार प्रयोग से घुटनों के दर्द की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

घुटनों के दर्द की ऐसे करें रोकथाम -

(Knee pain) घुटनों के दर्द को दूर करने और इससे बचाव के लिए आपको कई तरह की सावधानियां रखनी होती हैं।
जिनके माध्यम से भविष्य में ऐसी तकलीफों का सामन नहीं करना पड़ता और मौजूद समस्या को ठीक करने में भी आसानी रहती है।
इसके लिए -
  1. नियमित रूप से कपालभांति, अनुलोम विलोम और सूक्ष्म आसन जरूर करें।
  2. मोटापे या चर्बी को हद से ज्यादा बढ़ने से रोकें।
  3. जब भी पानी पिए उसे सिप सिप करके ही पिएं।
  4. खड़े होकर या लेटकर कभी भी पानी या खाना न खाएं।
  5. सुबह नंगे पैरों से थोड़ी देर सैर सपाटा जरूर करें।
  6. अधिक देर तक बैठे व खड़े रहने से बचें।
  7. अपने पाचन को सुचारू रखें ताकि आपके अंदर वायु का संतुलन सही रहे और जोड़ों की समस्याएं पैदा ना हो।
  8. साधा व सुपाच्य भोजन करें ताकि वह पचाने में आसान हो और कब्ज जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

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